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आर्थिक भ्रष्टाचार मामले के आरोपी को अधिक वजन होने पर मिली जमानत NS News

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पबेरपेन, वेबडेस्क: पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी युवक को जमानत दे दी है। मोटापा एक ऐसी बीमारी है, जो कई बीमारियों की जड़ है।वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोपी 38 वर्षीय प्रांजिल बत्रा का वजन 153 किलो है। उन्हें 8 महीने तक अंबाला जेल में रखा गया था। प्रवर्तन निदेशालय इनकी जांच कर रहा है।

प्रांगिल का नाम 3,000 करोड़ रुपये के ‘पोंजी भ्रष्टाचार’ में शामिल है। 2021 में एक आर्थिक घोटाला सामने आया था। जांच के बाद ईडी ने पाया कि प्रांजिल बत्रा ने कंपनी से 53 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की थी।

हालांकि, प्रांगेल का दावा है कि कंपनी ने उन्हें वेब डेवलपर के रूप में काम करने के लिए भुगतान किया था। लेकिन युवक इसका जवाब नहीं दे सका कि उसने परिवार के विभिन्न सदस्यों को कुल 15 करोड़ रुपये क्यों ट्रांसफर किए। इसके बाद ईडी ने उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन प्रांगेल को उस दिन जमानत मिल गई।

पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय की जमानत पर बहस उपन्यास थी। कोर्ट ने आरोपी प्रांजिल बत्रा को मोटापे के चलते जमानत दे दी। न्यायाधीश ने कहा कि जमानत याचिकाकर्ता मोटापे से पीड़ित था। उनका वजन 153 किलो है। मोटापा कोई बीमारी नहीं है, बल्कि कई बीमारियों का कारण है। मोटापे के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है। तरह-तरह की बीमारियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। इस वजह से आर्थिक भ्रष्टाचार के आरोपी प्रांजिल बत्रा को जमानत मिल गई। बता दें कि पिछले मार्च में प्रांजिल को गिरफ्तार किया गया था।

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